Wednesday, 14 April 2010

JaiGurudev Sandesh, Samachar - JAI GURU DEV, MATHURA

SATSANG  - 12-04-2010

बाबा जयगुरूदेव जी महाराज ने आज प्रातः गाजीयाबाद में सत्संग और नामदान दिया। अपने संदेश में बाबा जी ने कहा कि मनुष्य शरीर आपको मिल गया है तो इसको लक्ष्य तक पहुंचाने का काम करो। आपका लक्ष्य क्या है यह महात्माओं ने बताया है। अपने सच्चे घर सतलोक जाने का आपका लक्ष्य है और इसे पूरा करने के लिए आपको महात्माओं रास्ता लेकर भजन कर लो। यह मनुष्य शरीर आपको बारबार नहीं मिलेगा।


बाबा जयगुरूदेव जी महाराज ने बच्चों के माता-पिता से अपील के स्वर में कहा कि वे अपने बच्चे-बच्चियों के उत्तरदायित्व स्वयं सम्भालें। अपने बच्चे-बच्चियांे के वे स्वयं जिम्मेदार हैं। बच्चे-बच्चियों के उत्थान और पतन की सारी जिम्मेदारी उनके माता-पिता पर है। यदि बच्चे-बच्चियों का चरित्र गिर जाता है तो उसके कर्मों का फल उन्हें भी भोगना पड़ेगा। 8 साल की लड़की हो जाऐ और 12 साल का लड़का हो जाऐ तो उन पर माता-पिता को पूरी निगरानी रखनी चाहिए।

आज के युग में 95 प्रतिशत बच्चे-बच्चियों के चरित्र गिर चुके हैं। जो अभी 5 प्रतिशत बच गए हैं उन्हें गिरने से बचा लो नहीं तो कृष्ण ने कहा है कि हे अर्जुन! वर्णशंकरता जब बढ़ जाती है तो धर्म का पतन होने लगता है और जन-जन का विवेक समाप्त हो जाता है। बात तो कड़वी है किन्तु आज के समय को देखकर कहना पड़ रहा है यदि घर में वयस्क लड़की हो तो माताऐं अकेले उन्हें पिता के संरक्षण में न छोड़ें।

सत्संग और नामदान के बाद बाबा जी अपने काफिले के साथ नोएडा चले गए। नोएडा में कल प्रातः सत्संग और नामदान की मौज बाबा जी की है ऐसी सूचना है।



बीते हुए दिन



कानपुर में 2 फरवरी 1972 को बाबा जयगुरूदेव जी महाराज ने 3 घण्टा 10 मिनट तक सत्संग किया और जनता से कहा कि मेरे संदेश को सभी दूतावासों तक आप पहुंचा दें। भारतवर्ष में महान आत्मा का जन्म हो चुका है। पाकिस्तान की लड़ाई में दैविक शक्तियों ने पूरा साथ दिया और विदेशियों के मंसूबे नाकाम हो गए। यदि तुम भारत की परीक्षा लेना चाहते हो तो सभी मुल्क मिलकर एक साथ अपने समस्त आणविक अस्त्रों के साथ भारत पर हमला करो फिर तुम्हें आध्यात्म शक्ति का पता चल जाएगा। तुम्हारे द्वारा फेंके गए प्रत्येक अणु बम को जमीन पर उतार लिया जाएगा और वह फूटेगा नहीं। यह बात तुम्हें मालूम नहीं है। तुम्हारी खोपड़ी की हर फितरत को महात्मा जानते हैं। अगर तुम यह सोचते हो कि कीटाणु बमों को भारत पर गिरा देंगे और करोड़ों लोगों का सफाया हो जाएगा तो बन्दे! तुम्हें यह खबर नहीं है कि उस समय ऐसी उल्टी आंधी चल पड़ेगी कि तुम्हारा ही सफाया हो जाएगा।

नेपाल में घटना घटी। मैंने कुछ प्रेमियों को 4-5 दिन पहले बताया। अभी कुछ घटना और घटेगी। चीन मंे भी कुछ होगा। मैं यह नहीं कहता हूं कि तुम मेरी बातों को मानो। मैं यह कहता हूं कि तुम मेरी बातों को कम से कम सुन तो लो और अपनी डायरी में नोट कर लो। जब घटना घटित हो जाऐ तो मान लेना।

मैंने 1970 में कहा था कि पूरब का पाकिस्तान और पश्चिम का पाकिस्तान समाप्त होगा। पूरब का समाप्त हो गया और अब पश्चिम का भी समाप्त हो जाएगा। बंगलादेश कुछ गड़बड़ी करेगा और अमन-चैन से नहीं रहने देगा और फिर समाप्त हो जाएगा। सुरक्षा परिषद अमेरिका से उठकर भारत में चली आएगी। दिल्ली से राजधानी हटा दी जाएगी। जब हट जाएगी तब मान लेना। राष्ट्रभाषा हिन्दी और संस्कृत हो जाएगी। पुलिस और फौज के सिपाही, प्राइमरी स्कूल के अध्यापक, पेशकार, कर्ल्क का वेतन 300 रूपये हो जाएगा।

भारत के लोगों को चाहिए कि यहां की जनता की गाढ़ी कमाई का खरबों-खरबों डालर जो उन्होंने विदेशी बैंकों में जमा कर रखा है उसे तुरन्त भारत में ले आवें। अगर वे यह सोचते हैं कि मौका पड़ने पर उसका उपभोग कर लेंगे तो अब यह संभव नहीं है। भविष्य में ऐसे काले धन की एक लिस्ट तैयार की जाएगी जिसमें यह लिखा रहेगा कि किस-किस आदमी ने कितने करोड़ डालर किस देश के किस बैंक में जमा किया है। जब यह सूची जनता के सामने रखी जाएगी तो तुम सोच लो कि तुम्हारा क्या हाल होगा। फिर तुम कहीं के नहीं रहोगे। गत वर्ष जब मैं मलेशिया गया था तो मुझे भारत के कई लोगांे के नाम बताऐ गए थे और उसमें प्रत्येक आदमी में से किसी का 20 करोड़ डालर, किसी का 25 करोड़ डालर, किसी का 28 करोड़ डालर बैंकों मे जमा था। मलेशिया के लोगों ने मुझसे बताया कि भारत मंे ऊपर से लेकर नीचे तक सब चोर हैं और उनमें राष्ट्रभक्ति बिलकुल नहीं है।

अपने पिछले जीवन की चर्चा करते हुए बाबा जी ने कहा कि मैं मुसलमानों में भी गया। मुझे तो भगवान की तलाश थी और इस बात की परवाह नहीं थी कि वह किस कौम में मिलेगा। जब मैं मस्जिद में गया तो मुल्ला साहब ने कहा कि मुसलमान बन जाओ तो खुदा मिल जाएगा। मैंने कहा कि अगर खुदा मिल जाता है तो मैं मुसलमान बन जाऊँगा। इस पर मुल्ला साहब ने कहा कि जनेऊ तोड़ दो। मैंने कहा कि जनेऊ मेरे लिए कोई बन्धन नहीं। जिस दिन खुदा मिलेगा मैं जनेऊ तुरन्त उतार दूंगा। खैर मैंने मस्जिद में नमाज पढ़ना शुरू किया।

एक दिन मैंने देखा कि मुल्ला साहब मस्जिद के पीछे कीमियां बना रहे थे। मैंने उनसे कहा कि मुल्ला साहब! आप यह क्या कर रहे हैं ? अरे आप तो रहमान थे और गर्दन पर छुरी चला दी ? खुदा जब पूछेगा तब क्या जवाब दोगे ? मुल्ला साहब चुप थे और मैं उसी रात मस्जिद छोड़कर चला गया।

jaigurudevnews@yahoo.com

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1 comment:

  1. "JAI GURU DEV" YADI BACHCHE APNI MAA KO PATAKR MILAKAR PITA K KHILAF GUT BANA LE AUR PITA/PATI SE SIRF V SIRF PAISE SE MATLAB HO TO AISE ME INSAN KYA KARE? JAB USKI KOI SUNANE WALA HI NA HO USKI ADARSHPURN BAATON KA UPAHAS UDAYA JAYE TO INSAN KYA KARE?--DrVD SHARMA- 9919883533

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